कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण कानून को लागू करने को भविष्य में होने वाले डिलिमिटेशन से जोड़ने के केंद्र के फैसले पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि सरकार सीटों की संख्या बढ़ाए बिना तुरंत कोटा क्यों नहीं लागू कर सकती? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दावे को चुनौती देते हुए कि किसी को भी अपनी कुर्सी (Priyanka Gandhi on women’s reservation) जाने का डर नहीं है, प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर यह सच है, तो डिलिमिटेशन का इंतजार किए बिना रिजर्वेशन लागू करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए.
Priyanka Gandhi on women’s reservation – प्रियंका गांधी दोहराया कि बिल को जनता का सपोर्ट मिलने के बावजूद देरी से सरकार के इरादे पर चिंता पैदा होती है. उन्होंने चुनाव के दौरान सदन में बैठक पर भी सवाल उठाया प्रियंका गांधी ने लोकसभा में बोलते हुए महिला रिजर्वेशन फ्रेमवर्क में OBC रिप्रेजेंटेशन से जुड़ी चिंताओं को कम करके आंकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की.
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी कि इस मुद्दे को बाद में सुलझाया जा सकता है, ने एक बड़ी सामाजिक मांग को असल में एक टेक्निकल मुद्दे में बदल दिया. इस बात पर जोर देते हुए कि OBC समुदाय समाज के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है जिसका संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है, प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके सही हिस्से की मांग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसे गंभीरता से सुलझाया जाना चाहिए.
महिला आरक्षण को लेकर बताया कांग्रेस का इतिहास
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पंचायतों और नगर पालिकाओं में 33 परसेंट रिजर्वेशन का प्रोविजन सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पेश किया था. उन्होंने कहा कि यह कदम जमीनी स्तर पर महिलाओं की पॉलिटिकल हिस्सेदारी को आगे बढ़ाने में एक अहम कदम है.


