संसद में जारी विशेष सत्र के बीच देश में महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (The Women Reservation Act 2023), जिसमें विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है, को लागू कर दिया गया है. कानून मंत्रालय की ओर से इस संबंध में कल गुरुवार को सरकारी नोटिफिकेशन भी जारी (women’s reservation act of 2023 implemented) कर दिया गया. हालांकि कांग्रेस ने इस नोटिफिकेशन को विचित्र करार दिया है.
women’s reservation act of 2023 implemented – हालांकि, अभी इस बारे में यह जानकारी मिल नहीं सकी है कि 2023 के इस कानून को 16 अप्रैल से प्रभावी करने के लिए अधिसूचित क्यों किया गया, जबकि संसद में इसी कानून में संशोधन करके इसे 2029 में लागू करने पर बहस चल रही है.
कानून लागू करने के पीछे तकनीकी वजह
एक अधिकारी ने कानून को लागू करने के पीछे “तकनीकी वजहों” का हवाला दिया, लेकिन इस बारे में विस्तार से कुछ भी नहीं बताया. उन्होंने कहा कि हालांकि यह कानून देश में लागू हो गया है, लेकिन वर्तमान सदन में आरक्षण की व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सकता है.

यह बिल्कुल विचित्रः जयराम रमेश
इस बीच कांग्रेस ने कल गुरुवार को सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन को ‘बिल्कुल विचित्र’ करार दिया, और कहा कि यह तब किया गया जब इससे जुड़े संशोधनों पर चर्चा की जा रही है और लोकसभा में इस पर मतदान होना है. कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “यह बिल्कुल विचित्र है. सितंबर 2023 में पास शक्ति वंदन अधिनियम आज से लागू हो गया है, जबकि इसमें संशोधनों पर सदन में बहस चल रही है और शुक्रवार को मतदान होना है. मैं पूरी तरह से हैरान हूं.”


