कांकेर (छत्तीसगढ़): पखांजूर क्षेत्र के ग्राम जयरामनगर की रहने वाली दो छात्राओं की बीते दिनों सर्पदंश के कारण हुई असमय और दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार को संबल प्रदान करने और उनका ढांढस बंधाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पूर्व विधायक अनूप नाग जयरामनगर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस अपूरणीय क्षति के समय परिजनों को हिम्मत व धैर्य रखने का आग्रह किया।

🐍 गढ़चिरौली के जपतलाई आवासीय आश्रम में सोते समय सांप ने डसा, 3 छात्राओं ने तोड़ा दम

पीड़ित परिजनों ने घटना के संबंध में बताया कि उनकी बेटियां पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले अंतर्गत धनोरा तालुका के जपतलाई स्थित आवासीय आश्रम शाला (हॉस्टल) में रहकर अध्ययन कर रही थीं।

10 अगस्त की रात सभी छात्राएं हॉस्टल में नियमित भोजन के बाद अपने कमरों में सो गई थीं। देर रात करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच एक अत्यंत विषैले सांप ने कमरे में सो रही छात्राओं को डस लिया। घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल प्रबंधन ने आनन-फानन में पीड़ित छात्राओं को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां गंभीर स्थिति के चलते इलाज के दौरान तीन मासूम छात्राओं ने दम तोड़ दिया।

🏛️ छात्रावासों की बदहाली पर फूटा गुस्सा, महाराष्ट्र सरकार की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

इस हृदयविदारक घटना पर पूर्व विधायक अनूप नाग ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र सरकार और आश्रम प्रबंधन की घोर लापरवाही पर कड़े सवाल खड़े किए।

अनूप नाग ने कहा कि आवासीय छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले मासूम छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और जीवन रक्षा की पूरी जवाबदेही सरकार और संबंधित जनजातीय कल्याण विभाग की होती है। उन्होंने सवाल किया कि सुरक्षा प्रबंधों में इतनी बड़ी चूक और तीन छात्राओं की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है, इसका स्पष्ट जवाब प्रशासन को देना होगा।

🛡️ उच्च स्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों की मांग

पूर्व विधायक ने सरकार और संबंधित प्रशासन से मांग की है कि सभी आवासीय छात्रावासों में सर्पदंश जैसी घटनाओं से बचाव के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।

उन्होंने आश्रमों में बेहतर चिकित्सा सुविधा, नियमित दवाओं की उपलब्धता, खिड़की-दरवाजों में जाली और बुनियादी सुरक्षा तंत्र को तुरंत दुरुस्त करने पर जोर दिया। साथ ही इस पूरी घटना की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच कराकर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी भी मासूम विद्यार्थी के साथ ऐसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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