देश में संदिग्ध आर्थिक नेटवर्क के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इसी कड़ी में केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए को नासिक शहर पुलिस द्वारा (Corporate Jihad) एक अहम मामले से जुड़े डॉक्यूमेंट सौंपे गए हैं. इन डॉक्यूमेंट के आधार पर एजेंसी ने बेहद गोपनीय तरीके से अपनी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है.
सूत्रो के मुताबिक, यह मामला ‘कॉरपोरेट जिहाद’ से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें कुछ कंपनियों के जरिए संदिग्ध लेन-देन किए जाने का शक है. जांच एजेंसियां अब इन कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश के स्रोत और उनके लेन-देन के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं. खासतौर इन कंपनियों में आया पैसा कहां से आया और उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया गया, इसे देखा जा रहा है.
Corporate Jihad – शुरुआती जांच में ये संकेत मिले हैं कि कुछ फर्जी या कागजी कंपनियों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर धन जुटाने के लिए किया जा रहा था. आशंका है कि इसी धन का इस्तेमाल करके देश विरोधी गतिविधियों को वित्तीय समर्थन देने में किया गया हो सकता है. एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि कहीं इन ट्रांजेक्शन्स के तार अंतरराष्ट्रीय संगठनों या विदेशी फंडिंग नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं.


