बठिंडा (पंजाब): बरनाला में सफाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज कांड के विरोध में सफाई सेवकों द्वारा दिए गए ‘पंजाब बंद’ के आह्वान का बठिंडा में व्यापक असर देखने को मिला।
बठिंडा शहर के सभी मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे। सफाई सेवकों और सीवरेज वर्करों ने अन्य सहयोगी संगठनों के साथ सड़कों पर उतरकर विशाल रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने फायर ब्रिगेड चौक पर राज्य सरकार का पुतला फूंककर उग्र रोष प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
🤝 व्यापार मंडल और समाजसेवी संस्थाओं का मिला समर्थन, वक्ताओं ने सरकार की अनदेखी पर उठाए सवाल
इस बंद और प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल के अलावा शहर की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं और स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने भी भाग लेकर अपना समर्थन जताया।
इस मौके पर वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि सफाई सेवक समाज द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करके लोगों को एक स्वस्थ जीवन जीने का वातावरण प्रदान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकारों द्वारा उनके जायज मसलों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल में इन्हीं सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया था, तब इन्हें ‘कोरोना वॉरियर’ कहकर सम्मानित किया गया था, परंतु आज सरकार इनकी बात सुनने तक को तैयार नहीं है।
😡 “शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बरता बर्दाश्त नहीं”: महिला सफाई कर्मियों पर लाठीचार्ज से आक्रोश
प्रदर्शनकारियों ने बरनाला की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि वहां सफाई सेवक महिलाओं पर पुलिस प्रशासन की ओर से बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा दिखाई गई इस क्रूरता को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
📢 लाठीचार्ज करने वाले डीएसपी और थाना प्रभारी को नौकरी से बर्खास्त करने की मांग, संघर्ष तेज करने की चेतावनी
सफाई सेवक यूनियन के प्रधान विनोद कुमार ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि महिलाओं पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले डीएसपी और संबंधित थाना प्रभारी को तुरंत प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी महिलाओं पर लाठियां भांजने की हिम्मत न करे।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि वादे के अनुसार सभी प्रकार के कच्चे सफाई सेवकों और सीवरेज कर्मियों को विभाग में तुरंत पक्का किया जाए। यूनियन प्रधान ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक न केवल यह संघर्ष जारी रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र बनाया जाएगा।


