लुधियाना (पंजाब): पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और लुधियाना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र से विधायक संजीव अरोड़ा को देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) से बहुत बड़ा झटका लगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर दायर की गई उनकी मेडिकल जमानत याचिका (Medical Bail Petition) को सिरे से खारिज कर दिया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट का गहनता से अध्ययन करने के बाद अदालत ने उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने से स्पष्ट इनकार कर दिया। संजीव अरोड़ा इस समय गुरुग्राम जेल में बंद हैं और इस फैसले के बाद उन्हें फिलहाल जेल में ही अपनी न्यायिक हिरासत काटनी होगी।
❌ जेल में घर का खाना और वाटर कूलर देने की मांग भी अदालत ने की खारिज, 3 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मेडिकल जमानत याचिका खारिज होने के अलावा, संजीव अरोड़ा को स्थानीय अदालत से भी निराशा हाथ लगी है।
उन्होंने गुरुग्राम की अदालत में अर्जी दाखिल कर जेल के भीतर अपने लिए घर का बना खाना उपलब्ध कराने और बैरक में वाटर कूलर लगाने की सुविधा मांगी थी। हालांकि, अदालत ने इन दोनों याचिकाओं को भी खारिज कर दिया। अब इस चर्चित मामले में संजीव अरोड़ा की नियमित जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 3 सितंबर को निर्धारित की गई है।
⚖️ 100 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, गुरुग्राम जेल में हैं बंद
उल्लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) से जुड़े एक बड़े और गंभीर मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उन पर मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री से जुड़े 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी (GST) चालान घोटाले में शामिल होने का मुख्य आरोप है। जांच एजेंसियां इस पूरे घोटाले की कड़ाई से जांच कर रही हैं और इसी सिलसिले में उन्हें अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में गुरुग्राम की जिला जेल में रखा गया है।


