नई दिल्ली: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर पूरी (anti paper leak bill passed) तरह रोक लगाने के लिए लाया गया एंटी पेपर लीक बिल अब संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया है।
लोकसभा के बाद बृहस्पतिवार को यह विधेयक राज्यसभा से भी ध्वनि मत से पास हो गया। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ (Paper Leak Anti-Law) पेश किया था। उच्च सदन से पारित होने के बाद अब इस महत्वपूर्ण विधेयक को राष्ट्रपति की औपचारिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह आधिकारिक रूप से देश भर में कानून के रूप में लागू हो जाएगा।
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anti paper leak bill passed – उन्होंने कहा कि विपक्ष के बार-बार के व्यवधानों और हंगामे के बावजूद इस विधेयक पर निचले सदन (लोकसभा) में लगभग 10 घंटे तक विस्तृत और गंभीर चर्चा हुई थी। उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि आप सभी सम्मानित सदस्य जानते हैं, यह विधेयक निचले सदन में पहले ही पारित हो चुका है, जहां इस पर विस्तृत चर्चा के लिए समय आवंटित किया गया था। अब यह महत्वपूर्ण विधेयक ऊपरी सदन में विचार और स्वीकृति के लिए आया है।”
10 साल की जेल और 50 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान
इस नए कानून में सार्वजनिक परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक करने, सॉल्वर गैंग चलाने या अनुचित साधनों का प्रयोग कराने वाले दोषियों और गिरोहों के खिलाफ बेहद कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। कानून के लागू होते ही पेपर लीक में शामिल अपराधियों को अधिकतम 10 साल तक की कठोर कारावास (Jail) की सजा और 50 लाख रुपये तक के भारी आर्थिक जुर्माने से दंडित किया जा सकेगा।


