गुजरात सरकार का मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) संकट की घड़ी में प्रदेश के नागरिकों के लिए एक सशक्त सुरक्षा-कवच के रूप में उभरा है. प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से लेकर गंभीर बीमारियों और जीवन-रक्षक उपचारों तक, इस कोष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. विशेष रूप से स्वास्थ्य सहायता के क्षेत्र में CMRF ने हजारों (best cancer treatment in Gujarat) परिवारों को समय पर मदद, आर्थिक राहत और नई उम्मीद प्रदान की है.
सीएम भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री राहत कोष को अधिक संवेदनशील, त्वरित और जन-केन्द्रित बनाया गया है, ताकि कोई भी जरूरतमंद आर्थिक तंगी के चलते उपचार से वंचित न रहे. उनकी प्राथमिकता ‘लोगों का जीवन और स्वास्थ्य सर्वोपरि’ के अनुरूप यह कोष आज आम नागरिकों के लिए वास्तविक सहारा और भरोसे का माध्यम बन चुका है.
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मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए आवेदक की सालाना आय 4 लाख रुपये (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6 लाख रुपये) से कम होनी चाहिए. इसके साथ निवासी प्रमाण-पत्र, उपचार का विस्तृत अनुमान और संबंधित मेडिकल दस्तावेज आवश्यक हैं. आवेदन प्राप्त होने के बाद राजस्व विभाग द्वारा विस्तृत सत्यापन किया जाता है. इसके बाद पूरी फाइल मुख्यमंत्री राहत कोष समिति के समक्ष भेजी जाती है.
best cancer treatment in Gujarat – 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री राहत कोष से गुजरात में कैंसर से जूझ रहे 2,106 मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है. उन्हें नया जीवन मिला है. इस अवधि में 2,106 कैंसर मरीजों के उपचार के लिए CMRF की ओर से ₹31.55 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई. स्वास्थ्य विभाग के साझा किए आंकड़ों के अनुसार, ब्लड कैंसर के 450 मरीजों को राहत मिली.

