वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने मुख्य कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजू खान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा भी बरामद किया है। इस खतरनाक हादसे में राजू खान की पत्नी, बेटा और बेटी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिसके कारण दो मंजिला मकान पूरी तरह ढह गया था और आसपास के कई अन्य घरों को भी भारी नुकसान पहुँचा था। इस पूरे मामले में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पुराना पुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला और बीट कांस्टेबल प्रकाशचंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है।

डीसीपी वरुणा जोन राजेश पाण्डेय ने जानकारी दी कि पुलिस ने आरोपी राजू खान को देर रात करीब 1:30 बजे दबोचा। उसके पास से .315 बोर का अवैध कट्टा मिला है। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि वह कब से गैरकानूनी तरीके से पटाखों का निर्माण कर रहा था और इस अवैध कारोबार में उसके साथ कौन-कौन लोग संलिप्त हैं। एडिशनल सीपी (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा के अनुसार, यह भी जाँच की जा रही है कि मकान के भीतर कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री डंप की गई थी और तैयार माल की सप्लाई किन-किन बाजारों में की जाती थी।

🏠 विस्फोट से ढह गया दो मंजिला मकान, आधे किलोमीटर तक गूंजी धमाके की गूंज

सारनाथ के पैगंबरपुर इलाके में हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके कोहिला कर रख दिया था। पटाखे बनाने के दौरान अचानक हुए इस जोरदार विस्फोट से पूरा दो मंजिला मकान भरभराकर जमींदोज हो गया।

  • घायलों की स्थिति: इस हादसे में राजू खान की पत्नी चांदनी बेगम (35), बेटा आदिल खान (14) और 10 साल की बेटी अराफिया गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तत्काल मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चांदनी बेगम करीब 85 फीसदी तक झुलस चुकी हैं और आदिल के सिर में गहरी चोट आई है।

  • आसपास के घरों को नुकसान: स्थानीय निवासियों के मुताबिक, धमाका इतना भयानक था कि इसकी गूंज करीब आधे किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। लोगों को लगा कि कोई बहुत बड़ा बम फटा हो। इस भीषण विस्फोट की चपेट में आने से 3 से 4 पड़ोसी मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिनकी दीवारें चटक गईं और खिड़कियों के शीशे टूट गए।

🧨 ‘मुन्नी ब्रांड’ के नाम से बेचता था पटाखे, खानदानी इतिहास भी रहा है दर्दनाक

पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राजू खान बाजार में ‘मुन्नी ब्रांड’ के नाम से पटाखे बेचा करता था। प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि उसके पास पटाखों के निर्माण या भंडारण का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इस अवैध काम में बाहर के मजदूरों के बजाय मुख्य रूप से परिवार के सदस्य ही हाथ बंटाते थे।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि करीब 40 साल पहले राजू खान के पिता मतिउल्लाह की भी इसी तरह पटाखे बनाने के दौरान आग से झुलसने से मौत हो गई थी। अब एक बार फिर उसी परिवार के घर में हुए इस भयंकर विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन ने शहर में चल रहे अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

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