सहारनपुर : कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए गए बुलडोजर अभियान के बाद प्रदेश के राजनीतिक हलकों में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। अवैध निर्माण घोषित किए जाने के बाद की गई इस ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (politics heated up) ने तंज कसते हुए कहा— “सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है और सबसे बड़ी उपलब्धि भी।”
politics heated up – वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘संविधान की धज्जियां उड़ाने’ वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद वर्ष 1911 से पहले की है और कानूनी समय-सीमा में अभी 22 दिन शेष बचे थे। मसूद ने आरोप लगाया कि रातों-रात पूरे इलाके को घेरकर यह कार्रवाई की गई, जो राज्य सरकार का विशुद्ध राजनीतिक एजेंडा है और संविधान पर हथौड़ा चलाने जैसा है।
इमरान मसूद ने बताया सहारनपुर के लिए ‘काला दिन
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में आज भी मस्जिद का मालिकाना हक वाहिद खान और याकूब खान के नाम दर्ज है।उन्होंने दावा किया कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और न तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया और न ही उचित सुनवाई का मौका दिया गया। मसूद ने इस दिन को सहारनपुर के इतिहास का ‘काला दिन’ करार देते हुए स्थानीय नागरिकों से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने की अपील की।
