आगरा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में लाल रंग के लावारिस ट्रॉली बैग में महिला का क्षत-विक्षत शव मिलने के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है।

मृतका की शिनाख्त ओडिशा निवासी 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में की गई थी। इस नृशंस हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस ने 22 वर्षीय मुख्य आरोपी मणिकउद्दीन लश्कर और उसकी पत्नी भगवती मांझी को पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतका हयातुन निशा आरोपी मणिकउद्दीन की प्रेमिका थी। 5 अगस्त को जब ट्रेन आगरा कैंट पहुंची, तो यात्रियों ने बैग से खून रिसता देख तत्काल रेलवे प्रशासन व जीआरपी (GRP) को सूचना दी थी।

🔪 पॉलिथिन में लिपटे मिले 18 टुकड़े: 350 CCTV कैमरों की जांच से खुला चेन्नई कनेक्शन

जांच प्रक्रिया और पुलिस की पड़ताल:

  • भयावह दृश्य: मौके पर पहुंची जीआरपी और आरपीएफ (RPF) की मौजूदगी में जब लाल ट्रॉली बैग को खोला गया, तो उसमें पॉलिथिन में पैक किए गए महिला के शव के करीब 18 टुकड़े बरामद हुए।

  • रूट मैपिंग: जीआरपी ने ट्रेन के संपूर्ण रूट पर स्थित सभी प्रमुख स्टेशनों से संपर्क साधा और बैग के सोर्स का पता लगाना शुरू किया।

  • 350 सीसीटीवी फुटेज: पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि यह बैग चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से ट्रेन में लोड किया गया था। वहां लगे करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर आरोपी दंपती बैग को ट्रेन के कोच में रखते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। वारदात के बाद दोनों आरोपी चेन्नई से भागकर सीधे मणिपुर में छिप गए थे।

💔 त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और विवाद: पत्नी संग मिलकर रची प्रेमिका के कत्ल की साजिश

हत्या का कारण और षड्यंत्र:

  • एक साथ रह रहे थे तीनों: पुलिस पूछताछ के अनुसार, मणिकउद्दीन अपनी पत्नी भगवती मांझी और प्रेमिका हयातुन निशा दोनों के साथ ही चेन्नई में रह रहा था।

  • आपसी विवाद और हत्या: किसी बात को लेकर मणिकउद्दीन और हयातुन के बीच गंभीर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर प्रेमिका को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

  • ट्रेन से भेजा बैग: दोनों ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को कटर से कई टुकड़ों में काटकर बैग में भरा तथा तमिलनाडु एक्सप्रेस में रखकर उसे आगरा की ओर रवाना कर दिया।

⚠️ पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रूह कंपा देने वाला खुलासा: अंगों को पकाने की बात आई सामने

फोरेंसिक और मेडिकल जांच के चौंकाने वाले तथ्य:

  • क्रूरता की हदें पार: मृतका की विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यंत विचलित करने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।

  • अंगों को पकाने का प्रयास: रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और बदबू दबाने के लिए मृतका के हाथ, पैर और पसलियों के हिस्सों को सब्जी और आटे के साथ पकाने की कोशिश की थी।

  • चेन्नई पुलिस को सौंपी गई जांच: प्राथमिक तौर पर आगरा कैंट जीआरपी थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का अभियोग पंजीकृत किया गया था। चूंकि अपराध चेन्नई में घटित हुआ था, इसलिए औपचारिक कानूनी कार्रवाई और आगे की विवेचना के लिए केस चेन्नई पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है।

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