सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए गए बुलडोजर अभियान के बाद प्रदेश के राजनीतिक हलकों में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

अवैध निर्माण घोषित किए जाने के बाद की गई इस ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा— “सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है और सबसे बड़ी उपलब्धि भी।”

वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘संविधान की धज्जियां उड़ाने’ वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद वर्ष 1911 से पहले की है और कानूनी समय-सीमा में अभी 22 दिन शेष बचे थे। मसूद ने आरोप लगाया कि रातों-रात पूरे इलाके को घेरकर यह कार्रवाई की गई, जो राज्य सरकार का विशुद्ध राजनीतिक एजेंडा है और संविधान पर हथौड़ा चलाने जैसा है।

⚖️ ‘हाई कोर्ट में तथ्यों को किया गया नजरअंदाज’: इमरान मसूद ने बताया सहारनपुर के लिए ‘काला दिन’

विपक्ष के आरोप और कानूनी आपत्तियां:

  • स्वामित्व का दावा: सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में आज भी मस्जिद का मालिकाना हक वाहिद खान और याकूब खान के नाम दर्ज है।

  • वक्फ बोर्ड को पक्ष न बनाने का आरोप: उन्होंने दावा किया कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और न तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया और न ही उचित सुनवाई का मौका दिया गया।

  • विरोध की अपील: मसूद ने इस दिन को सहारनपुर के इतिहास का ‘काला दिन’ करार देते हुए स्थानीय नागरिकों से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने की अपील की।

  • प्रशासनिक मौजूदगी: कलेक्ट्रेट परिसर में बनी इस इमारत को उप-जिलाधिकारी (SDM), सिटी मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की सीधी निगरानी में ढहाया गया। ज्ञात हो कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने इसे सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करार देते हुए बेदखली का आदेश दिया था।

🛡️ पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित: संवेदनशील इलाकों में PAC, RRF और दमकल की गाड़ियां मुस्तैद

सुरक्षा व्यवस्था और शांति बहाली के प्रयास:

  • अर्धसैनिक बलों की तैनाती: कार्रवाई के मद्देनजर पूरे सहारनपुर जिले में तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

  • अतिरिक्त सुरक्षा बल: शहर के सभी संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले चौराहों पर प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RRF) की कंपनियों को तैनात किया गया है।

  • आपातकालीन प्रबंध: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर दमकल की गाड़ियां और वाटर कैनन तैनात की गई हैं।

  • भीड़ नियंत्रण पर जोर: पुलिस एवं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह, तनाव या गैर-कानूनी जमावड़े से सख्ती से निपटा जाएगा और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखा गया है।

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