शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा कि जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने जो मुद्दा उठाया है, वह हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास समय नहीं है और विद्यार्थियों का (support to movement) भविष्य खराब हो रहा है। उद्धव ने बताया कि सोनम वांगचुक पिछले महीने उनसे मिले थे और वे उनके तथा अभिजीत के आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 16 दिनों से आमरण अनशन पर हैं, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने जीडी अग्रवाल के 114 दिनों के अनशन और उनकी मृत्यु का उल्लेख करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत चिंता का विषय है। उन्होंने देश की सभी राजनीतिक पार्टियों से इस मुद्दे पर एक साथ आने की अपील की है।
support to movement – ठाकरे ने कहा कि अभिजीत दीपके देश के युवाओं की आवाज उठा रहे हैं और 20 तारीख को आयोजित होने वाले मोर्चे को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि देश का विषय है। उद्धव ने राहुल गांधी और भाजपा नेताओं से भी इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने हाथ जोड़कर सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने का भी आग्रह किया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट पर निशाना
नीट परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी और को मंत्री बनाने से समाधान निकलता है, तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेश दौरों में व्यस्त है और देश के महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी कर रही है।


