भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित और हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Case) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सोमवार को एक नया मोड़ सामने आया है। एमपी नगर के एक प्रतिष्ठित रेस्तरां में मृतका के पिता, भाई और अन्य करीबी स्वजनों ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) की, जिसमें देश के कई वरिष्ठ पूर्व सैन्य अधिकारी भी परिवार को समर्थन देने शामिल हुए। मीडिया से बात करते हुए स्वजनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपित पति समर्थ सिंह लगातार फरार है।  

इस पत्रकार वार्ता में विशेष रूप से शामिल हुए भारतीय सेना के सेवानिवृत्त मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने पुलिस प्रशासन और व्यवस्था पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह कोई सामान्य मौत या आत्महत्या का सीधा मामला नहीं है, बल्कि पूरी कानून-व्यवस्था की स्थिति इस समय संदिग्ध और एकतरफा दिखाई दे रही है। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख और आक्रोश जताया कि मृतका का सगा भाई खुद भारतीय सेना में देश की सेवा में ‘मेजर’ के पद पर तैनात है, इसके बावजूद अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए इस सैनिक परिवार को दर-दर भटकना पड़ रहा है क्योंकि आरोपी पक्ष बेहद रसूखदार और प्रभावशाली है।

 पुलिस को क्यों नहीं बताया? 

Twisha Sharma Case – मृतका के मेजर भाई ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद पुलिस को पहला फोन उनके परिवार ने किया था, न कि ससुराल वालों ने। ससुराल पक्ष का यह दावा पूरी तरह झूठा है कि वे ट्विशा को बचाने की जल्दबाजी में अस्पताल भागे थे। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि घटना के समय सास सीढ़ियों पर बेहद सामान्य और सहज तरीके से आ-जा रही थी। घर से महज 30 सेकंड की दूरी पर पुलिस थाना होने के बावजूद उन्होंने पुलिस को समय पर सूचना क्यों नहीं दी?

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