इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में भ्रष्टाचार निरोधक लोकायुक्त टीम ने महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान (Indore Lokayukta Raid) जो संपत्ति सामने आई, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। प्राथमिक जांच में अधिकारी के पास 9 करोड़ रुपए से अधिक की बेनामी संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
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Indore Lokayukta Raid – लोकायुक्त की टीम जब अधिकारी के इंदौर स्थित घर पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर टीम दंग रह गई। तीन मंजिला इमारत के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर कई दुकानें और एक जिम संचालित पाया गया। लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि तीसरे फ्लोर पर स्थित आवास से संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
30 साल की नौकरी और अकूत संपत्ति
लक्ष्मी नारायण कंडवाल पिछले 30 सालों से महिला बाल विकास विभाग में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं। वे हाल ही में (5 दिन पहले ही) इंदौर में संयुक्त संचालक के रूप में पदस्थ हुए थे। इससे पहले वे रतलाम और झाबुआ जैसे जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। लोकायुक्त के अनुसार, इतने वर्षों के सेवाकाल में उनके द्वारा बनाई गई यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक है।
जांच के घेरे में बैंक खाते और बड़े ट्रांजेक्शन
लोकायुक्त की टीम को छापेमारी के दौरान 13 रजिस्टर्ड टाइटल वाली जमीनें, पीथमपुर के पास कृषि भूमि और कमर्शियल प्लाटों के कागजात मिले हैं। टीम अब उनके सभी बैंक खातों की जांच कर रही है और पिछले कई वर्षों में किए गए बड़े वित्तीय लेनदेन (Transactions) की कुंडली खंगाली जा रही है।
