कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौतरफा घिरती नजर आ रही हैं। पार्टी के भीतर बगावत के बीच, अब उन पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में कानूनी शिकंजा (FIR On Mamata Banerjee) कसता जा रहा है। हाल ही में कोलकाता के हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने में उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है।

 क्या है विवादित बयान का मामला?

ममता बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने 2 जून को कोलकाता की एक सभा में बांग्लादेश की एक घटना को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके अलावा, चुनाव प्रचार के दौरान धर्मतला के मंच से दिए गए उनके एक बयान को लेकर भी काफी हंगामा मचा था, जिसमें उन्होंने कथित रूप से समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली बात कही थी। विपक्षी दलों ने उनके इन बयानों को मुख्यमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ बताया है।

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 ममता बनर्जी पर दर्ज धाराओं का ब्यौरा

 

पुलिस ने ममता बनर्जी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की तीन महत्वपूर्ण धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

    • BNS 196 (1): दो समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करना (गैर-जमानती)।

    • BNS 351 (2): धमकी देना या भड़काना (जमानती)।

    • BNS 352: शांति भंग करने के लिए उकसाना (जमानती)।

       

FIR On Mamata Banerjee – ममता बनर्जी के लिए चुनौतियां केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक भी हैं। पार्टी के कई विधायक और सांसद बगावत के मूड में हैं और अलग गुट बनाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अभिषेक बनर्जी भी जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। विधायकों के कथित फर्जी सिग्नेचर मामले में सीआईडी उनसे लंबी पूछताछ कर चुकी है।

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