भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन में एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सोमवार को सीबीआई की टीम आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर पहुंची और क्राइम सीन को फिर से रीक्रिएट किया। इस प्रक्रिया के दौरान ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिला है, जिसने इस डेथ मिस्ट्री को और अधिक उलझा दिया है।
⚖️ क्राइम सीन रीक्रिएशन: क्या खुला राज?
सीबीआई ने जांच के दौरान 80 किलो वजन के एक पुतले का इस्तेमाल किया, जो ट्विशा के शारीरिक कद-काठी के बराबर था। इस प्रक्रिया में:
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पति समर्थ ने पुतले को पीछे से सहारा देकर उठाने की कोशिश की।
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सास गिरिबाला सिंह ने केवल 10 सेकंड से कम समय में फंदा खोलने की प्रक्रिया दोहराई।
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इसके बाद ट्विशा को दिए गए कथित सीपीआर (CPR) की प्रक्रिया को भी जांचा गया। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों द्वारा बताई गई घटना की ‘थ्योरी’ मौके पर किए गए परीक्षण से मेल नहीं खा रही है, जिसके चलते सीबीआई का संदेह और गहरा गया है।
⏳ आज कोर्ट में बढ़ेगी रिमांड?
आरोपियों की 5 दिनों की सीबीआई रिमांड आज, 2 जून को समाप्त हो रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि बयानों में विरोधाभास के साथ-साथ डिजिटल, फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़ना अभी बाकी है। सबूतों की कड़ियों को पूरी तरह सुलझाने के लिए सीबीआई आज आरोपियों को अदालत में पेश कर 3 से 5 दिनों की अतिरिक्त रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि मौत के पीछे का असली सच सामने आ सके।
संपादकीय टिप्पणी: फॉरेंसिक और क्राइम सीन रीक्रिएशन जैसे वैज्ञानिक तरीकों से जटिल मामलों की सच्चाई सामने लाना न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्या आपको लगता है कि इस प्रकार की उच्च-स्तरीय जांच से संवेदनशील मामलों में न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है? अपने विचार नीचे साझा करें।


