कृषि प्रधान धमतरी जिले ने आधुनिक खेती की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। जिला (revolution in agriculture) प्रशासन के मार्गदर्शन में धमतरी देश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां ‘प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों’ के माध्यम से किसानों को ‘ड्रोन स्प्रेयर’ की अत्याधुनिक सुविधा मिलने जा रही है। इस क्रांतिकारी पहल का उद्देश्य खेती-किसानी को न केवल आसान बनाना है, बल्कि रसायनों के छिड़काव में दक्षता लाकर लागत को कम करना भी है।
🚁 ड्रोन पायलटों ने दिखाया दम
लोहरसी में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 10 चयनित समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने किसानों के सामने ड्रोन स्प्रेयर का सफल लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया। इस प्रदर्शन में यह स्पष्ट हुआ कि ड्रोन के माध्यम से उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव कितना सटीक और प्रभावशाली हो सकता है।
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revolution in agriculture – ड्रोन तकनीक को अपनाकर धमतरी ने पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस पहल को ‘क्रांतिकारी’ बताते हुए कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के द्वार तक पहुंचाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। ड्रोन के इस्तेमाल से रसायनों का संतुलित छिड़काव होगा, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ेगी और रसायनों के सीधे संपर्क से किसान की सेहत को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।
📈 ‘ड्रोन दीदी’ से नई पीढ़ी तक जुड़ाव
भारत सरकार की ‘ड्रोन दीदी’ योजना के माध्यम से महिलाएं पहले ही इस क्षेत्र में सशक्त हो रही हैं, और अब धमतरी के इस मॉडल ने पुरुष और महिला दोनों ही प्रकार के प्रशिक्षित पायलटों के लिए अवसर खोल दिए हैं। यह पहल खेती की लागत कम करने के साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिए ‘ड्रोन पायलट’ के रूप में रोजगार के नए रास्ते भी खोल रही है।


