उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक ऐसे कथित ‘साधु’ को गिरफ्तार किया गया है, जिसने आस्था की आड़ में अपराध की दुनिया खड़ी कर रखी थी। आरोपी अभिषेक मिश्रा, जो राधाकुंड इलाके में ‘अधिकार्ता नारायण दास’ बनकर (fake sadhu exposes) रह रहा था, उच्च पैकेज वाली युवतियों को ऑनलाइन प्रवचनों के माध्यम से अपना शिकार बनाता था। उसे गोवर्धन पुलिस ने सोमवार शाम गिरफ्तार कर उसके ‘आश्रम’ से दो युवतियों और एक बालक को सुरक्षित मुक्त कराया है।
fake sadhu exposes – पुलिस के अनुसार, आरोपी ने छत्तीसगढ़ से अपनी बहन से मिलने आई एक बीएससी नर्सिंग छात्रा को अपना निशाना बनाया। उसने 15 मई की रात छात्रा को प्रसाद के बहाने नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और फिर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। होश में आने के बाद जब छात्रा ने विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, आरोपी ने युवती के निजी वीडियो बनाकर उसे 5 लाख रुपये के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
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जांच में सामने आया है कि आरोपी अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है और उसने 2021 में रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। करीब 20 लाख रुपये के पैकेज की नौकरी छोड़कर उसने पिछले तीन साल से राधाकुंड में मकान किराए पर लिया और ‘साधु’ का भेष धर लिया। पढ़ा-लिखा होने के कारण वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रवचनों के जरिए युवतियों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेता था।
💰 ब्लैकमेलिंग के पैसों से बनाया ‘आश्रम’
आरोपी ने ब्लैकमेलिंग कर ऐंठे गए धन से राधाकुंड में एक मकान खरीदा था, जिसे उसने एक कथित ‘आश्रम’ का रूप दे दिया था। पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी न केवल दुष्कर्म करता था, बल्कि युवतियों की फोटो और वीडियो के दम पर उन्हें लंबे समय तक ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलता था।


