जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी घुसपैठ के बढ़ते खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है. खुफिया रिपोर्ट के अनुसार नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार कई नए आतंकी लॉन्चिंग पैड सक्रिय किए गए हैं, जिनके जरिए आने वाले समय में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ सकती हैं. इस खतरे को देखते हुए सेना, बीएसएफ (threat of terrorist) और पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है, जबकि भीतरी क्षेत्रों में आतंकरोधी अभियान तेज कर दिए गए हैं.

सूत्रों के मुताबिक सांबा, जम्मू, राजौरी और कुपवाड़ा सेक्टर के सामने अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पार सात नए लॉन्चिंग पैड सक्रिय किए गए हैं। ये पहले से मौजूद लगभग 65 लॉन्चिंग पैड के अतिरिक्त बताए जा रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार पिछले करीब पंद्रह दिनों के दौरान इन नए लॉन्चिंग पैड पर करीब 50 आतंकियों को लाया गया है।

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सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान में मौजूदा समय में हालात काफी तनावपूर्ण हैं और इसका असर जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है. हाल के दिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की खबरें सामने आई हैं. इसके अलावा अफगानिस्तान की ओर से पाकिस्तान के भीतर ड्रोन हमलों की रिपोर्ट भी आई हैं, जिससे क्षेत्रीय हालात और जटिल हो गए हैं. वहीं बलूचिस्तान में भी पाकिस्तान के लिए स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.

threat of terrorist – सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में कई राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने सरकार और सेना पर अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का दबाव बढ़ा दिया है. ऐसे माहौल में पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए कश्मीर में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर सकता है.

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