बिहार के सुपौल जिले से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है। सदर थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी (वार्ड-4) में एक नाबालिग बच्ची को करीब एक साल तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखने का मामला प्रकाश में आया है। बच्ची ने अपने साथ हुई दरिंदगी और लंबे समय तक कमरे में कैद रखे जाने की आपबीती सुनाई है। उसके गंभीर आरोपों ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

🏠 पिता की शिकायत और एक साल का संघर्ष

पीड़ित बच्ची के पिता मनीष कुमार यादव ने बताया कि जुलाई 2025 में उनकी पत्नी और दोनों बेटियां अचानक लापता हो गई थीं। उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। करीब एक साल बाद जब बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची, तब जाकर छोटी बेटी के बंधक होने की जानकारी मिली। इसके बाद परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से कृष्णापुरी स्थित एक कमरे से छोटी बच्ची को सकुशल बरामद किया।

📢 बेरहमी से मारपीट और मां की तस्करी का खुलासा

बरामद बच्ची ने पुलिस और परिजनों को बताया कि पिछले एक साल से उसे घर से बाहर निकलने तक नहीं दिया गया और उसके साथ लगातार बेरहमी से मारपीट की गई। बच्ची का सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि उसकी मां को बेच दिया गया है। बच्ची के इन बयानों के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और फिलहाल एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बच्चों के बयान और जुटाई जा रही साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।

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