जौनपुर के बहुचर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अभियुक्त भोले राजभर ने बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आजाद बिंद हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी थीं, जब शादी के दिन ही बारात ले जाते समय दूल्हे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

🛡️ अखिलेश यादव से सीएम योगी तक लगी गुहार

इस हत्याकांड में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मृतक की बहन सौम्या बिंद ने लंबा संघर्ष किया। न्याय की मांग को लेकर उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। अखिलेश यादव के हस्तक्षेप के बाद पुलिस सक्रिय हुई और एक आरोपी रवि यादव का एनकाउंटर हुआ, जिस पर परिजनों ने ही सवाल खड़े किए थे। हालांकि, मुख्य आरोपी भोले राजभर और प्रदीप बिंद पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए थे।

🏛️ हाई कोर्ट से मिली राहत के बाद आत्मसमर्पण

एनकाउंटर के डर से भोले राजभर की मां ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने आरोपी को 60 दिनों के भीतर सरेंडर करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया था। अपने वकील उपेंद्र विक्रम सिंह के माध्यम से भोले राजभर ने बुधवार को एसीजेएम-2 की कोर्ट में सरेंडर किया। उसके अधिवक्ता ने बताया कि सरेंडर के बाद जमानत अर्जी लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब वे हाई कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन करेंगे।

💔 बहन का संघर्ष और न्याय की आस

आजाद बिंद की हत्या के बाद से उनकी बहन सौम्या बिंद पिछले दो महीनों से लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं। वह पिछले 15 दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठी हैं। बुधवार को जैसे ही भोले राजभर के सरेंडर की खबर आई, सौम्या धरनास्थल पर फफक-फफक कर रो पड़ीं। भोले के सरेंडर के बाद अब इस केस का दूसरा मुख्य इनामी आरोपी प्रदीप बिंद अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

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