मुंबई : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपनी ही पार्टी के चार प्रमुख मंत्रियों की कार्यशैली और ढुलमुल रवैये को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयोजित हुई प्री-कैबिनेट बैठक के दौरान एकनाथ शिंदे ने मंत्री संजय राठोड़, गुलाबराव पाटिल, संजय शिरसाट और (signs of major reshuffle) आशीष जायसवाल के प्रदर्शन पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
signs of major reshuffle – शिंदे ने मंत्रियों को दो टूक शब्दों में स्पष्ट संदेश दिया कि केवल मंत्रालय (मंत्रालया) में बैठकर विभागीय फाइलें निपटाना पर्याप्त नहीं है; उन्हें अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना होगा और पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करनी होगी।
मंत्रालय के साथ-साथ क्षेत्र की जनता को दें प्राथमिकता
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों को उनकी संवैधानिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि सरकार में अपने विभागों के काम को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के साथ-साथ विधानसभा क्षेत्रों के आम नागरिकों और कार्यकर्ताओं की समस्याओं का त्वरित निवारण करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। सूत्रों का दावा है कि कुछ मंत्रियों द्वारा अपने क्षेत्रों में पर्याप्त समय न देने, आम कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने और पार्टी संगठन से दूरी बनाए रखने की शिकायतों के बाद एकनाथ शिंदे ने यह सख्त रुख अख्तियार किया है।
