नई दिल्ली : देश के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार मानसूनी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। प्राकृतिक आपदा का सबसे विकराल प्रभाव केरल और असम में दृष्टिगोचर हो रहा है, जहां अविरल जलभराव ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। केरल में भारी वर्षा और भूस्खलन से अब तक 25 नागरिकों की मृत्यु हो चुकी है (rain and flood havoc) तथा 4 लोग लापता हैं। दूसरी तरफ, असम में आई विनाशकारी बाढ़ से जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 87 हो गई है।
केरल में सामान्य से 181% अधिक वर्षा
केरल में अगस्त माह के प्रारंभ से जारी अतिवृष्टि ने कई जनपदों की स्थिति चिंताजनक बना दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 से 4 अगस्त की अवधि में केरल में 205.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य (73.2 मिमी) की तुलना में 181 प्रतिशत अधिक है। गंभीर स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। राज्य के 400 से अधिक राहत शिविरों में 18 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं।
असम में 1.28 लाख लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शिवसागर जिले में दो और मौतों के उपरांत इस वर्ष बाढ़ से कुल मौतों की संख्या 87 हो गई है। वर्तमान में राज्य के 6 जिले जलमग्न हैं और लगभग 1.28 लाख नागरिक प्रभावित हैं, जिनमें सर्वाधिक 55 हजार प्रभावित केवल शिवसागर जिले से हैं। दूसरी ओर, (rain and flood havoc) केरल में मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसको देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
