रतलाम। रतलाम के शिवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम (Ratlam Murder Case) नयाखेड़ा में 11 सितंबर को हुई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई (पत्नी स्वर्गीय रायसिंह डामोर) की निर्मम हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि देवीबाई के काका ससुर 60 वर्षीय बद्दा और उसके बेटे यानी मृतका के देवर 32 वर्षीय बसंतीलाल उर्फ गुड्डा डामोर ने मिलकर तड़के तीन बजे कुल्हाड़ी से वार कर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
Ratlam Murder Case – देवीबाई और देवर गुड्डा के बीच प्रेम संबंधों के चलते हुए सामाजिक इकरारनामे में देवीबाई को पारिवारिक जमीन का आधा हिस्सा न देना पड़े, इसलिए पिता-पुत्र ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
खाट के पास खून से लथपथ मिली थी लाश
उल्लेखनीय है कि घटना की सुबह करीब छह बजे ग्राम नयाखेड़ा निवासी अन्नूसिंह डामोर खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि देवीबाई रोजाना की तरह बरामदे में खाट पर नहीं सो रही थी, बल्कि खाट के पास जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। उसके सीधे कान के पास सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। अन्नूसिंह ने तत्काल इसकी सूचना देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी।
पति की मौत के बाद 2017 से थे प्रेम संबंध
शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गुड्डा और देवीबाई के बीच वर्ष 2017 से प्रेम संबंध थे। जब इसकी जानकारी परिवार और समाज के लोगों को हुई, तो देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में अधिकार को लेकर एक पंचायत में सहमति बनी थी। तब गुड्डा के पिता बद्दा ने देवीबाई को अपने पुत्र के साथ रखने, पारिवारिक जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के पालन-पोषण और रहने के लिए अलग मकान उपलब्ध कराने का वादा किया था।
वादे के मुताबिक देवीबाई के रहने के लिए मकान तो बना दिया गया, लेकिन बाद में जमीन में आधा हिस्सा देने से साफ इनकार कर दिया गया। इसी बात को लेकर देवीबाई और दोनों आरोपियों के बीच लगातार विवाद और झगड़ा होता रहता था। आरोपी विवाद से परेशान थे और गांव व समाज में बदनामी से बचने तथा जमीन का हिस्सा न देना पड़े, इसी दुर्भावना से दोनों ने मिलकर देवीबाई को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा।
