रायगढ़/महाबलेश्वर: महाराष्ट्र के महाबलेश्वर और पोलादपुर के बीच स्थित बेहद खतरनाक और घुमावदार अम्बेनाली घाट में एक बार फिर दिल दहला देने वाला दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। कोंकण क्षेत्र से छुट्टियां बिताकर वापस लौट रहे पर्यटकों की एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो जीप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए करीब 500 से 700 फीट गहरी पथरीली खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में सतारा जिले के रहने वाले 8 युवकों की मौके पर ही मौत होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। रात से ही राहत और बचाव कार्य में जुटी स्थानीय प्रशासन और ट्रेकर्स की टीमों ने बेहद मशक्कत के बाद अब तक दो युवकों के शवों को बाहर निकाल लिया है।

प्रारंभिक आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह भयानक दुर्घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2:45 बजे घाट के दाबेली गांव के समीप घटित हुई। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो जीप सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की बताई जा रही है। गाड़ी में सवार सभी दोस्त कोंकण में वीकेंड की छुट्टियां बिताने के बाद तड़के अपने घर सतारा की ओर वापस लौट रहे थे, तभी अम्बेनाली घाट के तीव्र मोड़ पर ड्राइवर ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे खाई में समा गई।

🔭 दुर्गम खाई में दूरबीन की मदद से खोजे जा रहे हैं शव: प्रतापगढ़ रेस्क्यू टीम और स्थानीय आपदा मित्र जुटे बचाव कार्य में

घटना की भयावह सूचना मिलते ही पोलादपुर पुलिस प्रशासन, महाबलेश्वर ट्रैकर्स, प्रतापगढ़ रेस्क्यू टीम, सिस्केप महाड, आपदा मित्र और स्थानीय ग्रामीण तुरंत राहत सामग्री के साथ मौके पर पहुंचे। चूंकि खाई अत्यधिक गहरी, संकरी और पूरी तरह से दुर्गम है, इसलिए बचाव दल को नीचे उतरने और सर्च ऑपरेशन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अंधेरा और गहरी धुंध होने के कारण रात में क्रेन और दूरबीन (Binoculars) की मदद से शवों की सटीक लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया गया। सुबह होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है। अब तक दो शव मलबे से बरामद किए जा चुके हैं, जबकि गाड़ी में सवार बाकी अन्य यात्रियों की तलाश के लिए घाटी में बड़े पैमाने पर सघन अभियान चलाया जा रही है।

🚌 अम्बेनाली घाट में दोबारा दोहराया इतिहास: साल 2018 के दापोली कृषि विश्वविद्यालय बस हादसे की यादें हुईं ताजा

अम्बेनाली घाट का यह वही बेहद खतरनाक और ब्लैक स्पॉट वाला इलाका है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर इसी तरह गहरी खाई में गिर गई थी। उस वक्त भी उस भीषण हादसे में कई मासूम जिंदगियां असमय काल के गाल में समा गई थीं। आज के इस नए स्कॉर्पियो हादसे ने एक बार फिर कोंकण और सतारा के लोगों के जेहन में उस पुराने और दर्दनाक मंजर की यादें पूरी तरह से ताजा कर दी हैं। स्थानीय प्रशासन ने बारिश और रात के समय इस घाट से गुजरने वाले वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से गाड़ी चलाने की अपील की है।

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