जबलपुर/पुणे: जबलपुर की रहने वाली होनहार युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्विनी कोष्टा की पुणे के बहुचर्चित पोर्श कार हिट एंड रन केस में हुई दर्दनाक मौत को दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज भी पीड़ित (Pune Car Accident Update) परिवार के जख्म पूरी तरह हरे हैं। 18-19 मई 2024 की दरमियानी रात पुणे की सड़कों पर शराब के नशे में धुत होकर तेज रफ्तार पोर्श कार चला रहे एक रईसजादे (नाबालिग) ने दो युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को बेरहमी से कुचल दिया था।

Pune Car Accident Update – इस खौफनाक हादसे में जबलपुर की अश्विनी कोष्टा और शहडोल जिले के पाली निवासी इंजीनियर अनीश अवधिया की मौके पर ही मौत हो गई थी। दो साल का लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों को सजा नहीं मिलने से पीड़ित परिवार बेहद आहत, निराश और आक्रोशित है।

⚖️ दो साल बाद भी कोर्ट में शुरू नहीं हो सका ट्रायल 

जबलपुर में रहने वाली अश्विनी की मां ममता कोष्टा आज भी अपनी लाडली बेटी की तस्वीरों को देखकर फफक पड़ती हैं। उन्होंने नम आंखों से कहा, “बेटी तो हमेशा के लिए चली गई, लेकिन आज तक हमें न्याय की एक किरण भी दिखाई नहीं दी। जिन लोगों ने बेरहमी से हमारी बेटी की जान ली, वे आज खुलेआम समाज में घूम रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे इस देश में आम लोगों के लिए न्याय पाना नामुमकिन हो गया है। आज पैसा जीत गया और हम गरीब व बेबस माता-पिता हार गए।”

🏛️ ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ का दावा हवा-हवाई 

ममता कोष्टा ने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री के शुरुआती दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इंसाफ का आश्वासन जरूर मिला था, लेकिन अदालत में मामला जाते ही सब कुछ आरोपियों के पक्ष में मुड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दो होनहार युवाओं की मौत जैसे जघन्य मामले में भी हत्यारे बेल पर बाहर ऐश कर रहे हैं, तो समाज में अपराधियों को क्या संदेश जाएगा?

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