अमृतसर (पंजाब): स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर प्रभावित न हो और कक्षाओं का संचालन सुचारू रहे, इसे ध्यान में रखते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों में तैनात न (education department news) करने के संबंध में बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं।
education department news – विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (DC) को प्रेषित आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कानून के अनुसार निर्धारित स्वीकृत कार्यों के अलावा अध्यापकों से कोई अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य न तो लिया जाए और न ही उनकी ऐसी कोई तैनाती की जाए। विभाग के संज्ञान में यह आया था कि अध्यापकों को लंबे समय तक जिला व उप-मंडल स्तर के प्रशासनिक कार्यों में लगाया जा रहा था, जिससे कक्षाओं में पढ़ाई का माहौल बाधित हो रहा था।
पत्र में विशेष रूप से मतदाता सूचियों के विशेष संशोधन कार्य का उल्लेख किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक तैनात हैं। विभाग ने आदेश दिया है कि यह प्रक्रिया 30 सितंबर को पूरी हो रही है, इसलिए इसके तुरंत बाद शिक्षकों को स्कूलों से बाहर न रखा जाए और उन्हें तत्काल शिक्षण कार्य के लिए वापस भेजा जाए। बार-बार शिक्षकों के बाहर रहने से कक्षाओं की निरंतरता और छात्रों के सीखने के परिणाम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसकी भरपाई बाद में संभव नहीं हो पाती।
केवल 3 विशेष कार्यों के लिए ही लगाई जा सकेगी अध्यापकों की ड्यूटी
कानून के तहत अध्यापकों को केवल चुनाव, जनगणना और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में ही तैनात किया जा सकता है। इन तीन स्वीकृत कार्यों के लिए भी अध्यापकों की तैनाती केवल आवश्यकता के अनुसार न्यूनतम रखी जाए। डिप्टी कमिश्नरों को निर्देशित किया गया है कि स्वीकृत ड्यूटियां जहां तक संभव हो स्कूल समय के बाद या गैर-शिक्षण दिवसों (अवकाश) में ही करवाई जाएं।


