भारतीय रिजर्व बैंक ने ऑनलाइन पेमेंट की सर्विस प्रोवाइड कराने वाली फिनटेक कंपनी फोनपे को दिवाली से पहले बड़ा गिफ्ट दिया है. आरबीआई ने फोनपे को ऑनलाइन एग्रीगेटर के तौर पर मंजूरी दे दी है. इसके बाद से (Big gift to PhonePe from RBI) यह कंपनी अब दुकानदारों और बिजनेसमैन को आसानी से पेमेंट कलेक्ट करने और उन्हें सेटल करने की सुविधा प्रोवाइड कराएगी. अभी तक सिर्फ और सिर्फ इसे ऑनलाइन पेमेंट की ही मंजूरी थी.
बीते शुक्रवार को फोनपे को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर काम करने की अनुमति मिल गई है. जिससे कंपनी छोटे और मध्यम व्यवसायों (SME) पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने मर्चेंट नेटवर्क का विस्तार कर सकेगीय फोनपे के मर्चेंट बिजनेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीबीओ) युवराज सिंह शेखावत ने कहा कि इस एग्रीगेटर के साथ, फोनपे उन व्यवसायों को, विशेष रूप से एसएमई सेगमेंट में बढ़िया सर्विस प्रोवाइड कराने की स्थिति में होगा, जिन्हें पहले बेहतर सेवाएं नहीं मिलती थीं.
Big gift to PhonePe from RBI – इस फैसले के बाद फोनपे को अपने पेमेंट गेटवे को और बढ़ाने में मदद मिलेगी. ये गेटवे मर्चेंट्स को तुरंत ऑनबोर्ड करने, डेवलपर्स के लिए आसान इंटीग्रेशन और पेमेंट सक्सेस रेट बढ़ाने के लिए स्मूथ चेकआउट एक्सपीरियंस देता है. 2016 में शुरू हुआ फोनपे भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में से एक है. इसके 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स, 4.5 करोड़ मर्चेंट्स का नेटवर्क और 36 करोड़ से ज्यादा डेली ट्रांजैक्शन्स हैं. इसका पोर्टफोलियो पेमेंट्स, लेंडिंग, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन, वेल्थ प्रोडक्ट्स, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स (पिनकोड) और इंडस ऐपस्टोर तक फैला है.

