पेपर लीक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़ा पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार ने ही देश के युवाओं के भविष्य और एजुकेशन सिस्टम को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि छात्रों (education system is ruined) की मांगें बिल्कुल साफ हैं और सरकार को बिना देर किए उन पर अमल करना चाहिए।
छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने सरकार के सामने छात्रों की मुख्य मांगें रखते हुए कहा:
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धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से तुरंत हटाया जाए।
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सरकार देश के छात्रों से माफी मांगे।
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छात्रों के साथ हिंसा करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
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पेपर लीक मामलों के लिए बनेगा फास्ट ट्रैक कोर्ट: पीएम मोदी का ऐलान
देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक बड़ा ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक मामलों से निपटने के लिए विशेष ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द और कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
“आपके राज में एजुकेशन सिस्टम हुआ खराब” – मल्लिकार्जुन खरगे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ही शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई है। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि अब आम बातों या शांतिपूर्ण घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि वे अपने दफ्तरों से बाहर निकलकर (education system is ruined) उन युवाओं और महिलाओं की आंखों में देखें जिन्होंने तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष किया है।


