नारायणपुर : रावघाट माइंस को लेकर लोगों में दिनों दिन नाराजगी बढ़ती जा रही है. मंगलवार को तेलसी मोड़ में रावघाट माइंस प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर दी है. राजाराव बूढ़ादेव गोद ग्राम विकास समिति रावघाट के बैनर तले शुरू हुआ यह आंदोलन अनिश्चितकालीन धरना और हड़ताल में बदल गया है, जिसे (villagers uproar against mines) परिवहन संघ और श्रमिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जबतक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

 माइंस के खिलाफ ग्रामीणों में गुस्सा

दरअसल, रावघाट क्षेत्र में संचालित माइंस को लेकर लंबे समय से चले आ रहा असंतोष अब सड़कों पर उतर आया है. प्रभावित गांवों के ग्रामीणों नारायणपुर के ग्राम बिजली मोड़ में धरना देते हुए माइंस से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाया. ग्रामीणों का आरोप है कि भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) ने खनन शुरू करने से पहले किए गए वादों को पूरा नहीं किया.

वादाखिलाफी का लगाया आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि तीन साल पहले खदान शुरू होने के दौरान 900 स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक केवल लगभग 180 लोगों को ही काम मिला. इससे (villagers uproar against mines) युवाओं में भारी नाराजगी है. आंदोलनरत ग्रामीणों ने पर्यावरणीय नुकसान को भी बड़ा मुद्दा बनाया है. उनका कहना है कि माइंस से निकलने वाला “लाल पानी” खेतों और जल स्रोतों में मिल रहा है, जिससे कई किसानों की जमीन बंजर हो चुकी है. 

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