मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ. शुरुआती तौर पर इसे तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक जांच में मृतकों के शरीर और तरबूज के सैंपल में ‘जिंक फॉस्फाइड’ नामक चूहे मारने वाला जहर मिला है. मृतकों में अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन (Mumbai Watermelon Case) और उनकी दो बेटियां आयशा (16) व जैनब (13) शामिल थीं.

Mumbai Watermelon Case – जानकारी के अनुसार, आयशा 10वीं कक्षा की छात्रा थी. शुक्रवार को महाराष्ट्र बोर्ड का 10वीं का रिजल्ट भी जारी हुआ, जिसमें आयशा ने फर्स्ट डिवीजन से पास हुई है. TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए अब्दुल्ला डोकाडिया की बिल्डिंग में रहने वाले पड़ोसी ने बताया किअब्दुल्ला और उनका परिवार 2 साल पहले यह आया था, यह उनके चाचा का घर है. बहुत अच्छे लोग थे, हम खुद हैरान थे कि ये क्या हो गया है. बहुत बुरा हुआ ये. उन्हें किसने मारा कुछ पता नहीं चल पा रहा है.

मृतक आयशा का आया 10वीं का रिजल्ट

उनकी बेटी आयशा ने 10वीं क्लास 70 प्रतिशत मार्क्स से पास की है. वह पढ़ने में काफी ब्रिटलियंत थी. दोनों बच्चे खेलने के साथ-साथ पढाई पर भी पूरा फोकस रखते थे. बता दें कि 25 अप्रैल की रात अब्दुल्ला डोकाडिया ने घर पर एक पार्टी का आयोजन रखा था, जिसमें कई दोस्त-रिश्तेदार शामिल हुए थे. मेहमानों को बिरयानी सहित कई स्वादिष्ट पकवान परोसे गए थे. सभी लोगों के जाने के बाद 26 अप्रैल की रात करीब 1 बजे डोकाडिया परिवार ने तरबूज खाया था.

 

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