छतरपुर : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर विकासखंड से शिक्षा के पवित्र मंदिर को पूरी तरह से कलंकित करने और मासूम बच्चों के सुनहरे भविष्य से सरेआम खिलवाड़ करने का एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ लवकुशनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक (teacher lost consciousness) कन्या शाला अक्टोहां में पदस्थ प्रभारी प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) कालीचरण अहिरवार का शराब के अत्यधिक नशे में पूरी तरह से धुत होकर बीच सड़क पर लावारिस हालत में पड़े रहने का एक वीडियो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।
😡 आरोपी शिक्षक को तत्काल निलंबित करने की उठी मांग
मामले की गंभीरता और बच्चों की शिक्षा पर पड़ने वाले बुरे असर को देखते हुए ग्रामीण जनों ने तत्काल एकजुट होकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) को साक्ष्यों के साथ एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि शिक्षा की गरिमा को तार-तार करने वाले और ड्यूटी के दौरान या ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का अमर्यादित आचरण करने वाले प्रभारी प्रधानाध्यापक कालीचरण अहिरवार के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन और विभागीय जांच की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
🍾 शराब के नशे में पूरी तरह टल्ली होकर गांव की गलियों में मचा रहे थे हुड़दंग
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक घटनाक्रम शनिवार 16 मई का बताया जा रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक कालीचरण अहिरवार शराब के नशे में पूरी तरह से ‘टल्ली’ होकर अक्टोहां गांव की तंग गलियों और रास्तों पर घूम रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शिक्षक को शराब का नशा इस कदर हावी था कि उन्हें अपने पैरों पर ठीक से खड़े रहने या संभलकर चलने तक का बिल्कुल भी होश नहीं रहा। गलियों में लड़खड़ाते हुए चलने के बाद वह अंततः संतुलन (teacher lost consciousness) खो बैठे और गांव के ही एक स्थानीय निवासी के मकान के मुख्य दरवाजे के बाहर कीचड़ और जमीन पर औंधे मुंह गिर पड़े।
