देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में कानून-व्यवस्था और धार्मिक अनुशासन को लेकर एक बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है। सीएम धामी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि उत्तराखंड के भीतर सार्वजनिक सड़कों और राजमार्गों को धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बाधित करने या रोकने की अनुमति किसी भी व्यक्ति या संगठन को किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी (namaz on streets is not tolerated) नागरिकों की धार्मिक आस्था और परंपराओं का पूरा सम्मान करती है, लेकिन देश के कानून और प्रशासनिक व्यवस्था से ऊपर कोई भी नहीं हो सकता।
namaz on streets is not tolerated – मुख्यमंत्री धामी ने वर्तमान परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में पवित्र चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) चल रही है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे नाजुक समय पर पूरे राज्य का वातावरण पूरी तरह शांत, व्यवस्थित, सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि सड़कें आम जनता, एम्बुलेंस और यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए बनाई गई हैं, उन्हें किसी भी तरह के अवरोध, मजमे या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।
🕌 “नमाज़ पढ़ने की जगह सिर्फ मस्जिद और ईदगाह”
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नमाज़ एक पवित्र धार्मिक क्रिया है और इसे पूरी श्रद्धा के साथ मस्जिदों, ईदगाहों और प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित वैध स्थानों पर ही पढ़ा जाना चाहिए। सार्वजनिक मार्गों और चौराहों को पूरी तरह से बंधक बनाकर आम राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी में डालना किसी भी सभ्य समाज या स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।
