भोपाल : महाकुंभ के दौरान अपने प्रखर आध्यात्मिक बयानों और सोशल (Sadhvi Harshanand Giri got angry on Twisha Sharma suicide case) मीडिया पर सुंदर साध्वी के नाम से तेजी से सुर्खियों में आईं साध्वी हर्षानंद गिरि (हर्षा रिछारिया) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा सुसाइड केस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने देश में पैर पसार रही कुप्रथा ‘दहेज’ और महिलाओं पर हो रहे मानसिक व शारीरिक अत्याचारों को लेकर समाज और पुरुष प्रधान मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया है।
साध्वी हर्षानंद गिरि ने दोटूक शब्दों में कहा कि ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका जैसे हालिया दुखद मामलों ने हमारे तथाकथित सभ्य समाज को हकीकत का आईना दिखाने का काम किया है। इन सभी घटनाओं में दहेज का अंतहीन लालच और प्रताड़ना जैसी क्रूर बातें खुलकर सामने आ रही हैं, जो देश के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक और डरावनी हैं।
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स्वामी हर्षानंद गिरि ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर समाज की कुत्सित सोच पर प्रहार करते हुए कहा कि हाल ही में देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए तीन बड़े मामलों—ट्विशा शर्मा, पलक और दीपिका की मौतों ने पूरे देश को अंदर तक हिलाकर रख दिया है। इन तीनों ही संवेदनशील मामलों में अगर गहराई से देखा जाए तो एक ही भयानक समानता थी, और वह थी ससुराल पक्ष का कभी न खत्म होने वाला धन-दौलत का लालच।
Sadhvi Harshanand Giri got angry on Twisha Sharma suicide case – उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक बेबस पिता अपनी आर्थिक क्षमता से कहीं ज्यादा कर्ज लेकर या सब कुछ बेचकर अपनी लाडली बेटी को विदा करता है। वह सोचता है कि उसने अपना फर्ज और जिम्मेदारी पूरी कर दी। लेकिन उस मासूम पिता को क्या पता कि सामने खड़े लालची भेड़ियों की भूख कभी शांत नहीं होती। जब उनका भौतिक लालच बढ़ता है, तो वह अंत में एक हंसती-खेलती बेटी की सांसें छीनकर ही दम लेता है।
