भोपाल : मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना में प्रभावित परिवारों को मुआवजा न मिलने और पुनर्वास में देरी के आरोपों पर राज्य सरकार ने आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया है। सरकार (ken betwa link project compensation) ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से प्रभावित अधिकांश पात्र परिवारों को पूर्ण मुआवजा और विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ पहले ही दिया जा चुका है। केवल कुछ इक्का-दुक्का मामलों में ही आवश्यक दस्तावेजी व कागजी प्रक्रियाएं लंबित हैं।
कांग्रेस ने पुनर्वास नीति पर उठाए सवाल, नेता प्रतिपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापन और मुआवजे की दरों को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रहा है:
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नेता प्रतिपक्ष के आरोप: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि परियोजना से प्रभावित होने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के कई परिवारों को पर्याप्त और उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।
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विधानसभा में गूंजा मुद्दा: विपक्ष का दावा है कि वर्तमान में दी जा रही मुआवजा राशि बाजार दर की तुलना में काफी कम है और इस विषय को पिछले विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर भी प्रमुखता से उठाया गया था।
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13 सितंबर 2023 के विशेष पैकेज के तहत वितरण, सरकार ने गिनाए नियम
आरोपों का खंडन करते हुए राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर पुनर्वास के नियमों की जानकारी दी:
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विशेष पुनर्वास पैकेज: राज्य में भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया 13 सितंबर 2023 को स्वीकृत विशेष पुनर्वास नीति के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है।
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अधिकतम दर का प्रावधान: विस्थापितों को ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर अथवा भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के प्रावधानों में से जो भी राशि अधिक बनती है, उसके आधार पर भुगतान किया जा रहा है।
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प्लॉट और एकमुश्त विकल्प: आवास के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ₹7 लाख और शहरी क्षेत्र में ₹6.50 लाख दिए जा रहे हैं, जबकि बिना प्लॉट वाले परिवारों को ₹12.50 लाख की (ken betwa link project compensation) एकमुश्त सहायता का विकल्प दिया गया है।
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