नई दिल्ली: कांग्रेस ने हाल के दिनों में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक हमला बेहद तेज कर दिया है। पार्टी का दावा है कि विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष के कड़े विरोध और जनआंदोलनों के दबाव में सरकार को कई अहम मामलों में पीछे हटना पड़ा है। अब कांग्रेस उन प्रमुख 5 मुद्दों को राज्यवार स्तर पर बढ़ावा देने (Modi government on backfoot) और प्रचारित करने की व्यापक रणनीति तैयार कर रही है, जिनका श्रेय पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व को दे रही है।
कांग्रेस द्वारा तैयार 5 प्रमुख मुद्दों की सूची: जिन पर बैकफुट पर आई सरकार
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शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET पेपर लीक और परीक्षा धांधली विवाद के बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जोरदार मांग उठाई थी, जिसके उपरांत व्यापक दबाव बना।
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पेलेट गन पीड़ितों की FIR: पेलेट गन की घटना में घायल युवक के मामले में पहले प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी की जा रही थी, किंतु कड़े विरोध के बाद आखिरकार मामला दर्ज किया गया।
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संसद में चर्चा पर सहमति: विपक्ष के निरंतर दबाव के चलते संसद सत्र के दौरान गृहमंत्री को लोकसभा में पेलेट गन सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर आकर वक्तव्य देने और चर्चा करने के लिए सहमत होना पड़ा।
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जातिगत जनगणना का मुद्दा: राहुल गांधी ने देशव्यापी स्तर पर जातिगत जनगणना (Caste Census) की मांग को प्रमुखता से उठाया; शुरुआती विरोध के बाद आखिरकार केंद्र सरकार को इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा।
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आदिवासी हॉस्टल में आयु सीमा विस्तार: पुणे में एक आदिवासी छात्रा द्वारा हॉस्टल में रहने की अधिकतम आयु सीमा का मुद्दा उठाने पर राहुल गांधी ने महाराष्ट्र सरकार को पत्र (Modi government on backfoot) लिखकर हस्तक्षेप किया, जिसके बाद हॉस्टल में रहने की आयु सीमा बढ़ाकर 30 वर्ष की गई।
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