करीब 14 साल पहले चाईबासा से लापता हुआ एक मासूम अब अपने परिवार से मिलने के करीब है। बचपन में भटककर केरल पहुंचा यह बच्चा अब 18 साल का हो चुका है। सोशल मीडिया और सामाजिक (lost his son at age of 5) कार्यकर्ताओं की मदद से आखिर- कार उसके परिवार का पता चल पाया है।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के एक गांव से 5–6 साल की उम्र में लापता हुआ बालक भटकते हुए केरल पहुंच गया था। इतने साल घर से दूर रहने के कारण वह अपनी मातृभाषा, गांव और जिले का नाम तक भूल चुका था। उसे केवल अपने पिता बलराम, मां मानी, भाई फंटूश और छोटी बहन टुरकी के नाम याद थे। साथ ही उसे पहाड़ पर बने अपने घर की हल्की-सी याद थी। केरल के कन्नूर जिले में वह एक एनजीओ और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की देखरेख में रह रहा था। जब उसकी उम्र 18 साल होने वाली थी और संस्था में रहने की समयसीमा खत्म होने वाली थी, तब उसके परिवार को खोजने की कोशिश तेज कर दी गई।
lost his son at age of 5 – परिवार का सही पता न मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता बासिल हेम्ब्रोम ने उसका एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में युवक ने अपनी यादों के आधार पर घर और परिवार का विवरण देते हुए लोगों से पहचान की अपील की। वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लाखों लोगों तक पहुंच गया। यह वीडियो उसके रिश्तेदार हिम्मत गोप तक पहुंचा, जिन्होंने “ग्रामीण विमर्श” टीम से संपर्क किया। जांच के बाद पता चला कि उसका परिवार सोनुवा प्रखंड के आसनतलिया पंचायत अंतर्गत हाड़ीमारा गांव का रहने वाला है।
