नई दिल्ली: टेक जगत की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने के इच्छुक कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी (Microsoft VEO Program) एग्जिट प्रोग्राम की घोषणा की है। इस विशेष योजना के तहत यदि कोई कर्मचारी स्वेच्छा से कंपनी छोड़ना चाहता है, तो माइक्रोसॉफ्ट उसे आकर्षक आर्थिक सहायता के साथ-साथ करियर की नई प्लानिंग के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराएगी। कंपनी ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की है।
Microsoft VEO Program – मौजूदा समय में माइक्रोसॉफ्ट के पास भारत में लगभग 23,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने कर्मचारी इस वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम के लिए पात्र माने जाएंगे। जानकारी के अनुसार, भारत में जो कर्मचारी इस ऑफर के अंतर्गत आते हैं, उन्हें अपना निर्णय लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय प्रदान किया गया है। कंपनी इस प्रोग्राम से जुड़े सभी योग्य कर्मचारियों को व्यक्तिगत ईमेल भेज रही है, जिसमें उनके एग्जिट पैकेज और उससे जुड़ी सभी शर्तें विस्तार से समझाई गई हैं।
नौकरी छोड़ने पर मिलने वाले वित्तीय लाभ और पैकेज
कंपनी की ओर से जो पैकेज ऑफर किया जा रहा है, वह एक स्टैंडर्ड सेवरेंस अरेंजमेंट यानी छंटनी के वक्त दिए जाने वाले मुआवजे की तरह ही है। यदि कोई कर्मचारी इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो उसे कंपनी में पूरे किए गए प्रत्येक वर्ष के बदले एक महीने की बेस सैलरी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उन्हें भविष्य में नई नौकरी खोजने में मदद के लिए विशेष करियर ट्रांजिशन सर्विसेज की सुविधा भी दी जाएगी।
किन कर्मचारियों के लिए लागू होगी यह स्कीम और क्या हैं नियम
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट व चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से इस योजना के नियमों को स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, यह वॉलंटरी एग्जिट ऑफर एक सीमित समय के लिए वैध है। यह सुविधा चारों देशों की चुनिंदा टीमों में लेवल 70 या उससे नीचे के ग्रेड वाले कर्मचारियों को ही मिलेगी। माइक्रोसॉफ्ट में वरिष्ठता तय करने के लिए विभिन्न आंतरिक जॉब ग्रेड निर्धारित किए गए हैं, जिनमें लेवल 70 भी शामिल है।


