धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में स्थित मंडल कारा के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की असल स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार की देर रात जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी औचक छापेमारी (रेड) को अंजाम दिया। जिले के उपायुक्त (DC) आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार के संयुक्त नेतृत्व में चलाए गए इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान जेल के भीतर बने विभिन्न वार्डों की बेहद सघन छानबीन की गई। अचानक हुई इस उच्चस्तरीय कार्रवाई से जेल परिसर के अंदर हड़कंप मच गया और प्रशासनिक महकमे में सरगर्मी तेज हो गई।
छापेमारी अभियान में शामिल रहे जिले के तमाम आला अधिकारी
सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखकर चलाए गए इस बड़े अभियान में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के कई दिग्गज अधिकारी मुस्तैदी से शामिल रहे। इस दौरान सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, और अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) लोकेश बरांगे के अलावा जिले के कई डीएसपी, एसडीपीओ तथा भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल के जवान एवं महिला पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
वार्डवार की गई सघन तलाशी, वार्डों से बरामद हुईं ये चीजें
तलाशी अभियान के अंतर्गत मंडल कारा के कुल पांच पुरुष वार्डों, एक महिला वार्ड और जेल के मेडिकल वार्ड की बारीकी से जांच की गई। पुरुष वार्डों की तलाशी लेने की जिम्मेदारी अलग-अलग पुलिस उप-अधीक्षकों (DSP) को सौंपी गई थी, जबकि महिला वार्ड की सुरक्षा और जांच का जिम्मा विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारियों की टीम को दिया गया था। इस गहन तलाशी के दौरान पुरुष वार्डों से मुख्य रूप से खैनी, चूना और कुछ पेन बरामद किए गए हैं।
निर्धारित मानकों के तहत सुरक्षा व्यवस्था पाई गई संतोषजनक
इस पूरी औचक कार्रवाई के दौरान जेल की अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति की पड़ताल प्रशासनिक मानकों के आधार पर की गई। निरीक्षण के अंत में जिला प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि फिलहाल जेल के भीतर सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप और संतोषजनक पाई गई हैं।
छापेमारी का मुख्य उद्देश्य और कैदियों की स्वास्थ्य जांच
इस औचक कार्रवाई को अंजाम देने का मुख्य मकसद जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करना, परिसर के अंदर किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित या अनधिकृत सामान की मौजूदगी का पता लगाना और जेल के नियमों का कैदियों द्वारा सही ढंग से पालन किए जाने की स्थिति की जांच करना था। इसके साथ ही, जेल के मेडिकल वार्ड में भर्ती बीमार कैदियों के स्वास्थ्य की विशेष रूप से जांच करने के लिए एक मेडिकल टीम द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने की बात भी सामने आई है।


