महाराष्ट्र के नासिक में जालसाज अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के काले कारनामों की पोल दिन-ब-दिन खुलती जा रही है. यह मामला अब सिर्फ अंधश्रद्धा या शोषण तक सीमित नहीं रह गया है. इस केस से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घोटाले और हवाला रैकेट का भी खुलासा हुआ है. देशभर में बाबा को लेकर काफी गुस्सा देखा जा रहा है. (entry ban on bhondu baba) धुले जिले के निमगुल तालुका में तो महिलाओं ने खरात जैसे बाबा की एंट्री पर ही रोक लगा दी है.

इसी क्रम में महाराष्ट्र के धुले जिले के निमगुल तालुका में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने भी इस मामले के खिलाफ एकजुट होकर बड़ा कदम उठाया है. महिलाओं ने न सिर्फ बाबा के खिलाफ आवाज बुलंद की, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया.

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उन्होंने महिलाओं को समझाया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा चमत्कार दिखाने, अनुष्ठानों के नाम पर भविष्य बदलने का दावा करने या ज्योतिष, हस्तरेखा, कुंडली, अंक ज्योतिष और रत्नों के नाम पर मोटी रकम वसूलने वाले लोग असल में ठग होते हैं, न कि आध्यात्मिक गुरु. खिवासारा ने महिलाओं से अपील की कि यदि उनके सामने इस तरह के मामले आते हैं, तो वे डरने के बजाय साहस दिखाएं और जादू-टोना विरोधी कानून के तहत तुरंत शिकायत दर्ज कराएं.

entry ban on bhondu baba – इस पहल का महिलाओं पर सकारात्मक असर देखने को मिला और उन्होंने सामूहिक रूप से ऐसे भोंदू बाबाओं को गांव और घरों से बाहर रखने का संकल्प लिया है. इस अवसर पर सिंधुबाई मोरे, आशाबाई पाटिल, विद्याबाई पाटिल, जनाबाई मोरे, ताराबाई पाटिल और संगीता मोरे समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं. पुलिस भी अशोक खरात मामले की गहराई से जांच कर रही है.

 

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