रांची : भारत की जनगणना 2026-2027 के पहले चरण के लिए जिन बिंदुओं पर जानकारी देशभर में एकत्रित की जा रही है या झारखंड में मई महीने में जानकारियां एकत्रित की जाएंगी, उसमें ओबीसी (Mahabharat on census in Jharkhand) के लिए अलग से कोई जानकारी एकत्रित नहीं किये जाने और अलग सरना धर्म कोड नहीं होने को झामुमो, कांग्रेस और राजद ने केंद्र की मोदी सरकार की वादाखिलाफी करार दिया है.

वहीं जनगणना को लेकर राज्य की सत्ताधारी दलों को थोड़ा धैर्य रखने की सलाह देते हुए बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जातीय जनगणना कराने का वादा किया है, तो वह जरूर जातीय जनगणना कराएंगे.

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जनगणना के प्रथम चरण में ही ओबीसी और आदिवासी समुदाय के साथ छलावा करार देते हुए जेएमएम के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि जो 33 पॉइंट्स पर जानकारियां जुटाई जा रही हैं, उसमें एससी-एसटी के लिए तो कई जानकारियां ली जा रही हैं लेकिन ओबीसी की कोई जानकारी अलग से नहीं ली जा रही है, इसी तरह जनगणना के लिए अलग से सरना धर्म कोड भी नहीं रखा गया है.

Mahabharat on census in Jharkhand – झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राज्य और देश की जनता और खासकर पिछड़ा समाज सब देख रहा है और समय आने पर इसका हिसाब लेगा. मनोज पांडेय ने कहा कि झामुमो लगातार इन मामलों को लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन करता रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार की तानाशाही शासन में जब जनता की आवाज नहीं सुनी जाएगी, तो जनता इसका हिसाब लेगी.

 

 

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