मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी आर्थिक खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार आगामी अनुपूरक बजट पेश करने से ठीक पहले एक बार फिर ओपन मार्केट से 1500 करोड़ रुपए का भारी-भरकम कर्ज लेने जा रही है। सरकार द्वारा यह नया लोन सड़क निर्माण और बुनियादी विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण (MP Financial Burden) प्रोजेक्ट्स के लिए लिया जा रहा है।
MP Financial Burden – खुले बाजार से लिए जा रहे इस कर्ज को राज्य सरकार दो अलग-अलग किस्तों में ले रही है, जिसे आगामी 18 और 30 साल की लंबी अवधि में चुकाया जाएगा। इस नए लोन के जुड़ने के साथ ही मध्य प्रदेश की जनता पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर अब सीधे 5 लाख 42 हजार 614 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इससे पहले राज्य सरकार ने इसी महीने 16 सितंबर को भी 2500 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।
महज कुछ ही हफ्तों पहले यानी 16 सितंबर को सरकार ने 2500 करोड़ रुपए का कर्ज उठाया था, जिसे तीन अलग-अलग किस्तों में 8, 12 और 22 वर्षों की अवधि में चुकाया जाना है। अब एक बार फिर राज्य सरकार 1500 करोड़ रुपए का नया लोन लेने की तैयारी में है। यह ताजा कर्ज सरकार दो अलग-अलग हिस्सों यानी 800 करोड़ और 700 करोड़ रुपए के रूप में ले रही है। इसमें से पहला 800 करोड़ रुपए का कर्ज 18 वर्षों के लिए लिया जा रहा है, जबकि बाकी बचे 700 करोड़ रुपए का लोन 30 साल की लंबी अवधि के लिए लिया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता अविनीश बुंदेला बोले- सरकार के पास वित्तीय प्रबंधन नहीं
सरकार की कर्ज लेने की नीतियों पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अविनीश बुंदेला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बयान देते हुए कहा कि, ”मौजूदा सरकार के पास किसी भी प्रकार का उचित वित्तीय प्रबंधन नहीं बचा है। सरकार लगातार भारी-भरकम कर्ज लेकर केवल फिजूलखर्जी को बढ़ावा दे रही है। वीआईपी सुख-सुविधाओं और सरकारी विज्ञापनों व आयोजनों में कर्ज के पैसों को पानी की तरह बहाया जा रहा है।
