मध्य प्रदेश के उज्जैन की प्रसिद्ध शाही मस्जिद पर नगर निगम (Shahi Masjid Update) की बुलडोजर कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने का अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ (डबल बेंच) ने इस मामले में मस्जिद के विवादित हिस्से को तोड़े जाने के प्रशासनिक आदेश पर किसी भी प्रकार की अंतरिम रोक लगाने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। अदालत के इस स्पष्ट रुख और आदेश के बाद अब नगर निगम और जिला प्रशासन के निर्देश पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
Shahi Masjid Update – उज्जैन स्थित शाही मस्जिद के अतिक्रमण वाले हिस्से को तोड़ने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा पिछले दिनों एक सख्त नोटिस जारी किया गया था। आज सोमवार को जब निर्धारित समय के अनुसार शाही मस्जिद को गिराने के लिए नगर निगम का भारी अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो वहां स्थानीय स्तर पर भारी तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस पूरे संवेदनशील मामले को लेकर शाही मस्जिद कमेटी की तरफ से तुरंत इंदौर हाईकोर्ट में एक रिट याचिका भी दायर की गई थी, जिस पर आज ही आपातकालीन सुनवाई सुनिश्चित की गई थी।
प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच बनी आपसी सहमति
अदालत के समक्ष चली सुनवाई के दौरान उज्जैन जिला प्रशासन के नुमाइंदों और शाही मस्जिद के प्रबंधकों के बीच आपसी बातचीत के जरिए एक सकारात्मक समझौता कर लिया गया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत जिला प्रशासन और उज्जैन नगर निगम द्वारा पूरी शाही मस्जिद का लगभग 9 फीट हिस्सा तोड़ा जाना तय किया गया था, लेकिन इंदौर हाईकोर्ट के समक्ष दोनों पक्षों की चली लंबी चर्चा के बाद इसे घटाकर केवल 3 फीट हिस्सा तोड़े जाने पर आपसी सहमति बन गई।
