लुधियाना : पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की कथित तानाशाही, मनमानी (13 big associations opened front) और निरंतर हो रहे आर्थिक उत्पीड़न के खिलाफ लुधियाना के उद्योगपतियों का गुस्सा आखिरकार ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा है। पीपीसीबी की दमन कारी कार्यप्रणाली से तंग आकर आज औद्योगिक नगरी लुधियाना के तमाम छोटे-बड़े कारोबारियों और दिग्गज उद्योगपतियों ने बोर्ड के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान करते हुए एक विशाल धरना प्रदर्शन किया।
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धरने पर बैठे आक्रोशित उद्योगपतियों का सीधा और साफ आरोप है कि पीपीसीबी (PPCB) के अधिकारी बिना किसी ठोस कानूनी आधार, बिना जमीनी स्तर की जांच और बिना किसी पुख्ता सबूत के वैध रूप से चल रही औद्योगिक इकाइयों को धड़ाधड़ ‘कारण बताओ नोटिस’ थमा रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि बोर्ड की इस अफसरशाही, मनमानी और उत्पीड़न के कारण न केवल उनका सुचारू कामकाज पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है, बल्कि उन्हें और उनके स्टाफ को भारी मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है।
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13 big associations opened front – इस महा-प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सोए हुए बोर्ड प्रशासन और पंजाब सरकार तक यह कड़ा संदेश पहुंचाना है कि एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक हब लुधियाना के उद्योगों का यह दमन अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीपीसीबी के खिलाफ शुरू हुए इस महा-संग्राम में लुधियाना की सभी छोटी-बड़ी औद्योगिक संस्थाएं और व्यापारिक संगठन अपने आपसी पुराने मतभेद भुलाकर पूरी तरह से एक मंच पर आ गए हैं।
