लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित जिला और सिविल कोर्ट परिसर में रविवार सुबह नगर निगम ने एक बड़ी बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कोर्ट परिसर से लेकर निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) तक सड़क और नाले पर बने करीब 240 अवैध वकीलों के चैंबरों (Lucknow Court Bulldozer Action) और दुकानों को पूरी तरह से ढहा दिया गया है।
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यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा अनुराधा सिंह की याचिका पर दिए गए सख्त निर्देश के बाद की गई है। इन अवैध निर्माणों के कारण कोर्ट के आसपास का मुख्य रास्ता पूरी तरह बाधित हो रहा था। नगर निगम ने 12 मई को ही इन अवैध ढांचों पर लाल निशान (क्रॉस मार्क) लगाकर इन्हें 16 मई तक स्वतः हटाने का अंतिम अल्टीमेटम दिया था। चूंकि रविवार (17 मई) को कोर्ट की छुट्टी रहती है और आम दिनों के मुकाबले भीड़ बहुत कम होती है, इसलिए प्रशासन ने इस दिन को अतिक्रमण मुक्त अभियान के लिए सबसे मुफीद चुना।
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Lucknow Court Bulldozer Action – रविवार सुबह ठीक 9 बजे नगर निगम की टीम कई जेसीबी (JCB) मशीनों और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बिना वक्त गंवाए डिमोलिशन शुरू कर दिया। इस कार्रवाई से स्थानीय वकीलों में भारी नाराजगी और गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें अपना सामान समेटने और शिफ्ट होने के लिए उचित समय नहीं दिया और बैठने का कोई दूसरा विकल्प या वैकल्पिक जगह दिए बिना ही उनके चैंबर तोड़ दिए।


