समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचकर छोटे भाई प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम कराया. भावुक अखिलेश ने कहा कि प्रतीक से दो महीने पहले मुलाकात हुई थी. मैंने उससे कहा था कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो, कारोबार को आगे बढ़ाओ. कभी-कभी कारोबार में नुकसान होता है, उससे आदमी बहुत टूट जाता है. अखिलेश यादव के इस बयान ने प्रतीक यादव की (murder or suicide mystery) मौत के पीछे कारोबारी नुकसान और तनाव की अटकलों को नई ताकत दे दी है.
🏗️ रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री में सक्रिय थे प्रतीक
सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव पिछले एक साल से गंभीर आर्थिक दबाव और साझेदारों के साथ विवादों से जूझ रहे थे. प्रतीक दो क्षेत्रों में सक्रिय थे, जिसमें रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री शामिल है. गोमतीनगर में उनकी जिम ‘आ्रयरन कोर फिट’ काफी लोकप्रिय थी. रियल एस्टेट कारोबार में उन्हें पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट का सहयोग प्राप्त था. हालांकि, हाल के दिनों में विभिन्न निवेशों में भारी नुकसान होने से प्रतीक और अमन के संबंधों में भी तनाव आ गया था.
⚖️ करोड़ों की ठगी और रंगदारी
प्रतीक का एक बड़ा विवाद रियल एस्टेट साझेदार कृष्णानंद पांडे के साथ था. प्रतीक ने कृष्णानंद के साथ करोड़ों रुपये का निवेश किया था. जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई. विवाद इतना बढ़ा कि 2025 में कृष्णानंद पांडे, उनकी पत्नी वंदना पांडे और पिता अशोक पांडे के खिलाफ लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में 4-5 करोड़ रुपये की ठगी और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की FIR दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच अभी चल रही है.
👮 अमन बिष्ट पर भी धोखाधड़ी के आरोप
अमन सिंह बिष्ट पर भी एक अलग मामले में धोखाधड़ी का आरोप है. 20 सितंबर 2025 को ठाकुर सिंह ने अमन के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज कराई थी. आरोप है कि अमन ने जमीन बेचने के नाम पर पैसे लिए लेकिन सौदा पूरा नहीं किया. प्रतीक की मौत के समय अमन बिष्ट एंबुलेंस में उनके साथ मौजूद थे. इसके अलावा प्रतीक ने (murder or suicide mystery) नोएडा में भी एक कारोबारी के साथ करोड़ों का निवेश किया था, जहां पैसे डूबने के बाद वह गहरे डिप्रेशन में चले गए थे.


