झारखंड के धनबाद जिले के धनसार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मनईटांड़ इलाके में मंगलवार की रात एक बेहद दर्दनाक और भयानक सड़क हादसा सामने आया है। यहां दो तेज रफ्तार ट्रकों के बीच एक-दूसरे से आगे निकलने (ओवरटेकिंग) की होड़ के दौरान साइकिल पर सवार होकर जा रहे एक स्थानीय पान विक्रेता सुरेश चौरसिया इन भारी वाहनों की चपेट में आ गए। इस भीषण दुर्घटना में सुरेश की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक सुरेश मूल रूप से दुहाटांड़ का रहने वाला था और अपनी आजीविका चलाकर रात को घर लौट रहा था।
🛣️ एफसीआई गोदाम की तरफ से जा रहे थे ट्रक, ओवरटेकिंग की होड़ में काल के गाल में समाया साइकिल सवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात सुरेश अपनी साइकिल से सवार होकर अपने घर की ओर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान एफसीआई गोदाम की तरफ से कई भारी ट्रक तेज गति से मनईटांड़ होते हुए जोड़ाफाटक रोड की तरफ जा रहे थे। रास्ते में दो ट्रकों के बीच आपस में ओवरटेकिंग की प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई, जिसके चलते सड़क से गुजर रहा साइकिल सवार सुरेश नियंत्रण खो बैठा और एक ट्रक की जोरदार चपेट में आ गया। हादसा इतना भयानक था कि उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
😡 गुस्से में भड़के स्थानीय लोग: सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन, ट्रकों में तोड़फोड़ और शीशे क्षतिग्रस्त
दुर्घटना की खबर मिलते ही आसपास के सैकड़ों स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। इस दर्दनाक हादसे से गुस्साए लोगों ने मौके पर ही सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया और मृतक के शव को सड़क पर रखकर देर रात तक जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने कुछ वाहनों में तोड़फोड़ भी की और करीब तीन से चार ट्रकों के शीशे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
👮 पुलिस मौके पर पहुंची, ट्रक और ड्राइवर को लिया हिरासत में; भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग
घटना की गंभीर सूचना मिलते ही धनसार थाना की पुलिस तत्काल भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में शामिल ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और उसके चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस बीच, मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता भृगुनाथ भगत ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि मनईटांड़ की इस घनी आबादी वाली सड़क पर ट्रकों की अनियंत्रित आवाजाही और चालकों की भारी लापरवाही के कारण आए दिन इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि मृतक के पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का उचित मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी या अनुबंध पर नौकरी दी जाए तथा एफसीआई गोदाम की ओर से इस रूट पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
🤝 प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम, सामान्य हुआ मनईटांड़-जोड़ाफाटक मार्ग का यातायात
घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित लोगों से बातचीत की और उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने और एक आश्रित को रोजगार के संबंध में उचित आश्वासन दिए जाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने सड़क से जाम हटा लिया। इसके बाद जाकर कहीं मनईटांड़-जोड़ाफाटक मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन और परिचालन सामान्य हो सका।


