रांची। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को नेपाल हाउस स्थित मंत्रालय में दो महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में रांची स्थित रिनपास (RINPAS) में 20 बेडेड इंडोर बाल एवं किशोर चिकित्सा इकाई स्थापित करने तथा संस्थान की पुरानी प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिनपास निदेशक डॉ. जयति सिमलाई और सहायक निदेशक मिथिलेश चौधरी उपस्थित रहे।

अपर मुख्य सचिव ने वर्तमान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए रिनपास में डीपीएन (DPN) और एमडी साइकाइट्रिक (MD Psychiatry) कोर्स को दोबारा शुरू करने तथा साइकाइट्रिक नर्सिंग क्लासेज के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का निर्देश दिया।

🩺 रिनपास के पदों का होगा पुनर्मूल्यांकन: बाल व जेरिएट्रिक सुपर स्पेशलिटी पर रहेगा जोर

रिनपास की समीक्षा के दौरान स्वीकृत एवं कार्यरत पदों के पुनर्गठन और रिस्ट्रक्चरिंग का निर्देश दिया गया।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार पदों का आकलन कर नया प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने बाल (Pediatric) एवं जेरिएट्रिक (वृद्धजन) मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुपर स्पेशलिस्ट शिक्षा व उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा मिल सके।

🎓 झारखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी UG और PG सीटें: एक सप्ताह के भीतर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में यूजी (UG) और पीजी (PG) की सीटें बढ़ाने तथा मानव संसाधन के पुनर्गठन की रूपरेखा तय की गई।

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई इस बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला और मेडिकल एजुकेशन निदेशक डॉ. पी. भट्टाचार्य सहित सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य व अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में सभी संस्थानों से वर्तमान फैकल्टी, डॉक्टर, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति और भविष्य की जरूरतों का आकलन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

👨‍🏫 फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए दूसरे राज्यों से बुलाए जाएंगे प्रोफेसर: सेवानिवृत्त डॉक्टरों की भी ली जाएगी सेवा

अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के लिए बुनियादी ढांचे के साथ-साथ पर्याप्त मानव संसाधन अनिवार्य है।

यदि फैकल्टी की कमी होती है, तो आवश्यकतानुसार संविदा (Contract) पर प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए सेवानिवृत्त विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा दूसरे राज्यों व शहरों के योग्य प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक (Professors & Associate Professors) की सेवाएं लेने का निर्देश दिया गया है। इसका राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

🏛️ SNMMCH धनबाद में 2030 तक 250 UG और 200 PG सीट का लक्ष्य: बोकारो-चाईबासा में अगले वर्ष से पढ़ाई की तैयारी

बैठक में एसएनएमएमसीएच (SNMMCH) धनबाद ने वर्ष 2030 तक की अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिसमें यूजी की सीटें बढ़ाकर 250 और पीजी की सीटें 200 करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा दुमका, हजारीबाग और पलामू मेडिकल कॉलेजों में यूजी में 200 और पीजी में 150 सीटों तक की वृद्धि की संभावनाओं पर मंथन किया गया। वहीं, बोकारो और चाईबासा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के भवन अगले वर्ष तक तैयार होने की संभावना है। मानक पूरे होने और समय पर फैकल्टी की उपलब्धता होने पर वहां अगले शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।

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