उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है. गुरुवार को कानपुर से आई एंटी करप्शन टीम ने जिला कलेक्ट्रेट स्थित जिला पूर्ति कार्यालय में छापा मारकर बसरेहर क्षेत्र के सप्लाई इंस्पेक्टर योगेश वर्मा को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया. पकड़े गए अन्य दो आरोपियों में पीओएस मशीन से जुड़े निजी कर्मचारी पुष्पेंद्र कुमार और धर्म नारायण शामिल हैं, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है.
🪤 2. पहले से बिछाए गए जाल के तहत कानपुर से पहुंची थी टीम, शिकायतकर्ता की सूचना पर की गई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओम शरण नामक व्यक्ति द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने यह पूरा ट्रैप तैयार किया था. शिकायत में सप्लाई इंस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया था. निरीक्षक अर्चना शुक्ला के निर्देशन में पहुंची टीम ने योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता को रकम के साथ भेजा और जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत मौके पर कार्रवाई करते हुए तीनों को धर दबोचा. इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों में भी भगदड़ जैसा माहौल बन गया.
⚖️ 3. सिविल लाइन थाने में कागजी कार्रवाई के बाद कानपुर ले जाए गए आरोपी, 11 जुलाई को सीएमओ ऑफिस में भी हुई थी रेड
रिश्वतखोरी के इस मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को एंटी करप्शन टीम अपने साथ सिविल लाइन थाने ले गई, जहां आवश्यक कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं. इसके बाद आरोपियों को कानपुर ले जाया गया है, जहां आगे की पूछताछ की जाएगी. गौरतलब है कि इटावा में पिछले ढाई महीने के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है; इससे पहले 11 जुलाई को सीएमओ कार्यालय में डिप्टी सीएमओ श्रीनिवास यादव को 55 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था.


